Zindagi shayari – bikhra

ज़िन्दगी 

 

Bikhra-Bikhra sa he aashiyana

Luti-Luti si he jindagi

 

बिखरा बिखरा सा हे आसियाना 

लूटी लूटी सी हे जिंदगी

 

 

Mahfil me logo ki  

Tanha-Tanha si he jindgi 

 

महफ़िल में लोगो की 

तन्हा तनहा सी हे जिंदगी  

Bato me chubhan Hawa me jalan 

 Kanta -Kata si he jindgi

 

बातो में  चुभन  हवा में जलन   

कांटा कांटा सी हे जिंदगी

 

 Shabnam ki bundo me Sagar ki lehro me

 Jwaar bhata si he jindgi

 

शबनम की बूंदो में सागर की लेहरो में 

ज्वार भाता सी हे जिंदगी  

Kanhi zheel he kanhi jharna he

Kanhi sagar si vishal he jindgi

 

कंही झील हे कंही झरना हे 

कंही सागर सी विशाल हे जिंदगी 

Kanhi pe pal he kanhi pe saal he 

 SAJID ke liye ik khyaal he ZINDAGI

 

कंही पे पल हे कंही पे साल हे  

साजिद के लिए इक ख्याल हे जिंदगी 

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