New love shayari on Didar

DIDAR / दीदार 
 

चाँद का दीदार होना बाकि हे 

उनसे प्यार होना बाकि हे 

Chand ka didar hona baki he 

Unse pyar hona baki he  

इकरार बहुत कर चूके हम 

अब इजहार होना बाकि हे 

Ikrar bahot kar chuke hum

Ab ijhaar hona baki he  

 जुल्फों को उनकी सवारना हे 

काजल को नेनो में उता रना हे 

Julfo ko unki sawarna he 

 kajal ko naino me utarna he 

धड़कन में उनकी बस जाना हे 

सांसो में उनकी सामना हे  

Dharkan me unki bas jaana he 

Sanso me unki samana he 

सपनो में बहुत हो चुकी मुलाकाते 

बस उनको बाहों  में भरना बाकि हे 

Sapno me bhut ho chuki mulakate 

Bas unko bahno me bharna baki he  

चाँद का दीदार होना बाकि हे 

उनसे प्यार होना बाकि हे 

Chand ka didar hona baki he 

Unse pyar hona baki he 

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